दिल्ली का हरित क्षेत्र तीन गुना बढ़ेगा : पुरी

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नई दिल्ली। केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दक्षिणी दिल्ली के कुछ इलाकों की पुनर्विकास योजना में हजारों पेड़ काटे जाने के आरोपों को गलत बताया और कहा कि एक पेड़ के एवज में दस पेड़ लगाने की प्रतिबद्धता का पालन किये जाने के कारण दिल्ली के हरित क्षेत्र में तीन गुना इजाफा होगा। पुरी ने शहर के दक्षिणी इलाकों में विकास के नाम पर हजारों पेड़ काटने को लेकर दिल्ली में सत्तारूढ़ आप द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लगाये जा रहे आरोपों के जवाब में कहा ह्यह्यपेड़ों की आज जितनी संख्या है उसमें एक पेड़ भी कम नहीं होगा और हरित क्षेत्र में तीन गुना इजाफ होगा।

पुरी ने ट्वीटर पर इससे जुडी़ आधिकारिक जानकारी का लिंक साझा करते हुए कहा कि अफवाह फैलाने वाले तथ्यों की पहचान करने में सक्षम नहीं है और वास्तव में पर्यावरण के प्रति संजीदा लोगों को गलत जानकारी दे रहे हैं। ऐसे लोगों को आधिकारिक सूचनाओं के माध्यम से तथ्यों की पड़ताल करना चाहिये।
इससे पहले आप के प्रवक्ता और ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र से विधायक सौरभ भारद्वाज ने आज दक्षिणी दिल्ली में हरियाली का नजारा पेश करते एक वीडियो संदेश में कहा कि केन्द्र सरकार दक्षिणी दिल्ली में राजनेताओं और केन्द्रीय कर्मचारियों की आवास सुविधा के लिये कुछ कालोनियों की पुनर्विकास योजना में लगभग 17 हजार पेड़ काट रही है। ये पेड़ दिल्ली के फेंफड़े हैं और इनके कटने से दिल्ली की आबोहवा नष्ट हो जायेगी। भारद्वाज ने बताया कि इतनी बड़ी तादाद में पेड़ों को काटे जाने से बचाने के लिये आप कार्यकर्ता कल शाम सरोजनी नगर में एकजुट होकर सरकार से पेड़ नहीं काटने की मांग करेंगे।
पुरी ने इसे गलत सूचनाओं पर आधारित आरोप बताते हुये कहा कि अफवाह फैलाना दिल्ली के विचारशून्य संगठनों का शगल बन गया है जो जानबूझ कर फर्जी जानकारियों का प्रसार करते हैं। पहले मेट्रो किराये और अब पेडो़ं पर गलत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ये लोग इस बात से वाकिफ हैं, फिर भी यह स्वीकार नहीं करते हैं कि मेट्रो किराया ना तो राज्य सरकार नियंत्रित करती है और ना ही आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय। पुरी ने कहा कि अफवाहें फैलाने वाले अगर दिल्ली के नागरिकों के प्रति इतने ही चिंतित हैं तो इन लोगों को लगातार बदहाली की शिकार होती डीटीसी बसों पर भी चिंता जाहिर करनी चाहिये। उन्होंने दिल्ली वालों से अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहने का अनुरोध करते हुये कहा कि वे सही तथ्यों की पड़ताल करते रहें। पुरी ने कहा कि मैं शहर के हरित क्षेत्र को बर्बाद करने के आरोप पर अचंभित हूं। हम पुनर्विकास वाली सात कालोनियों में 15 हजार और शहर के अन्य इलाकों में डेढ़ लाख से अधिक पेड़ लगा रहे हैं। इसलिये दिल्ली में पेड़ कभी भी कम नहीं होंगे।